गर्भ संस्कार मंत्र
सर्वे भवन्तु सुखिनः (शांति मंत्र)
मंत्र
ॐ सर्वे भवन्तु सुखिनः । सर्वे सन्तु निरामयाः । सर्वे भद्राणि पश्यन्तु । मा कश्चिद्दुःखभाग्भवेत् ॥ ॐ शान्तिः शान्तिः शान्तिः ॥
अर्थ
सभी सुखी हों, सभी रोगमुक्त हों, सभी शुभ देखें, किसी को भी दुःख न मिले। ॐ शांति, शांति, शांति।
गर्भ संस्कार में महत्व
यह मंत्र केवल अपने लिए नहीं, सबके कल्याण की प्रार्थना है। गर्भ संस्कार में इसे करुणा और उदारता के संस्कार का प्रतीक माना जाता है।
कब और कैसे जपें
शाम की कहानी के बाद, दिन के अंत में इसे एक बार धीरे से बोलें। हाथ पेट पर रखकर शिशु के साथ यह प्रार्थना बाँटें।